×
 

NEET UG री-टेस्ट से पहले हाई अलर्ट, वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर और केंद्रीय बलों की तैनाती; आज होगा मॉक ड्रिल

NEET UG री-टेस्ट से पहले NTA ने देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की। प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर और सुरक्षा के लिए CRPF-CISF तैनात किए गए हैं।

NEET UG 2026 री-टेस्ट को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

इस बार प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए भारतीय वायुसेना को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष सुरक्षा योजना के तहत भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रश्नपत्रों को विभिन्न राज्यों की राजधानियों में स्थित 18 नोडल केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होगी।

प्रश्नपत्र नोडल केंद्रों तक पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी जाएगी। दोनों केंद्रीय अर्धसैनिक बल परीक्षा समाप्त होने तक प्रश्नपत्रों और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

और पढ़ें: बेंगलुरु में मोबाइल छीनकर भाग रहा युवक दौड़ते-दौड़ते गिरा, दिल का दौरा पड़ने से मौत

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ही NEET री-टेस्ट के लिए 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें केंद्रीय विद्यालयों के अलावा दिल्ली सरकार के चयनित स्कूल भी शामिल हैं।

NTA के अनुसार, मॉक ड्रिल शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू होगी। इस दौरान मीडिया कर्मियों को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा एजेंसियां प्रश्नपत्रों के परिवहन, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया का परीक्षण करेंगी।

फर्जी खबरों और प्रश्नपत्र लीक से जुड़ी अफवाहों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम प्लेटफॉर्म को भी ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा NTA ने एक विशेष पोर्टल शुरू किया है, जहां छात्र और आम नागरिक परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या पेपर लीक की सूचना दे सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन सख्त उपायों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों का विश्वास बहाल करना है।

और पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र बैठक में इजरायली राजदूत का तीखा हमला, बोले- अब आप चुप रहेंगे; यूएन अधिकारी से हुई तीखी बहस

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share