नेपाल ने बदला रुख, भीषण बाढ़ से 550 से अधिक मौतों के बाद विदेशी बचाव दलों को दी अनुमति
नेपाल में भीषण बाढ़ से 550 से अधिक लोगों की मौत और 2,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। दबाव के बाद सरकार ने विदेशी बचाव दलों को अनुमति दी।
नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 550 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हालात बिगड़ने के बाद नेपाल सरकार ने अपने पहले के फैसले को पलटते हुए भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की बचाव टीमों को खोज एवं राहत अभियान में मदद की अनुमति दे दी है।
इससे पहले नेपाल ने विदेशी बचाव दलों की मदद लेने से इनकार कर दिया था। सरकार का कहना था कि उसके सुरक्षा और बचाव तंत्र के पास राहत एवं खोज अभियान संभालने के लिए पर्याप्त क्षमता है। हालांकि, बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के बीच काठमांडू ने सीमित संख्या में विशेषज्ञों को कुछ विशेष क्षेत्रों में काम करने की अनुमति देने का फैसला किया।
रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ नेपाली अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से काफी दबाव था, क्योंकि बाढ़ के बाद कई देशों के नागरिक भी लापता हैं। इसके बाद सरकार ने विशेषज्ञों और खोज एवं बचाव दलों को सीमित रूप से प्रवेश देने पर सहमति जताई।
और पढ़ें: नेपाल-तिब्बत में बाढ़ के दो दिन बाद चीन में 5.1 तीव्रता का भूकंप, तिब्बत में बचाव अभियान रुका
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने इससे पहले कहा था कि देश को तत्काल विदेशी बचाव दलों की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विशेष तकनीकी सहायता या विशेषज्ञता की जरूरत पड़ने पर नेपाल संबंधित देशों से मदद मांग सकता है।
अब भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों को बचाव अभियानों के साथ-साथ फॉरेंसिक जांच में भी सहायता करने की अनुमति दी गई है।
भारत ने त्रासदी के तुरंत बाद राहत सामग्री भेजी थी और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भेजने की पेशकश भी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल सरकार को एनडीआरएफ दलों और आवश्यक उपकरणों के साथ भेजने का प्रस्ताव दिया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कम से कम 320 भारतीय अभी लापता हैं, जबकि करीब 400 अन्य लोग चीन की ओर फंसे हुए हैं। इनमें से 153 भारतीय सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं। भारत ने कहा है कि वह नेपाल को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
और पढ़ें: नेपाल में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों के बचाव के लिए चार मंत्री दिल्ली रवाना, 86 अब भी लापता