नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही, 7,570 घर क्षतिग्रस्त; सड़क और पुलों को अरबों रुपये का नुकसान
नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों की बाढ़ से पांच जिलों में हजारों घर, सड़कें, पुल और पेयजल ढांचा तबाह हुआ। पुनर्निर्माण में भारी खर्च आएगा।
नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। शुरुआती सरकारी आकलन के मुताबिक, रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में करीब 7,570 निजी घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 1,253 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 6,317 घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। प्रभावित कई मकानों की स्थिति ऐसी है कि उनकी मरम्मत के बजाय दोबारा निर्माण करना पड़ेगा।
शहरी विकास तथा भवन निर्माण विभाग के अनुसार, निजी घरों को हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान करीब 17 अरब 31 करोड़ नेपाली रुपये है। इसके अलावा सरकारी संस्थानों के 45 भवन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनका नुकसान करीब साढ़े चार अरब नेपाली रुपये आंका गया है। नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण अभी जारी है।
नुवाकोट में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां करीब 3,977 घर प्रभावित हुए हैं और नुकसान का अनुमान 9 अरब 22 करोड़ रुपये से अधिक है। विदुर नगरपालिका में 3,026 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। रसुवा में 1,779 घर प्रभावित हुए, जबकि धादिंग में 1,451 घरों को नुकसान पहुंचा है। गोरखा में 263 और चितवन के इच्छाकामना में करीब 100 घर प्रभावित हुए हैं।
और पढ़ें: त्रिशूली-3A टनल हादसे में कई जानें बच सकती थीं? जिंदा बचे मजदूर ने चीनी सुपरवाइजर पर लगाए गंभीर आरोप
बाढ़ से नेपाल के सड़क बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। सड़क विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय सड़क ढांचे को करीब 30 अरब रुपये की क्षति हुई है। गल्छी–स्याफ्रुबेंसी–रसुवागढ़ी मार्ग का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है। इसके अलावा 31 पुल बह गए, जबकि तीन अन्य क्षतिग्रस्त हुए हैं। सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण में करीब 50 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है।
रसुवा और नुवाकोट में 53 झोलुंगे पुल भी प्रभावित हुए हैं। इनमें 33 पूरी तरह बह गए और 20 की मरम्मत संभव बताई गई है। स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी करीब 1 अरब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बाढ़ ने पेयजल व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और गोरखा में बड़ी संख्या में जल भंडारण टैंक और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। पेयजल ढांचे को करीब 64 करोड़ रुपये और सीवेज व स्वच्छता व्यवस्था को करीब 29 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
नुवाकोट में पंपिंग के जरिए रोजाना करीब 10 लाख लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अस्थायी व्यवस्था बहाल करने में डेढ़ से दो महीने, जबकि स्थायी पुनर्निर्माण में करीब दो वर्ष लग सकते हैं।