नेपाल बाढ़ की दर्दनाक कहानी: पति ने चलती बस से कूदकर बचाई जान, पत्नी बस समेत बाढ़ में बही
नेपाल की भीषण बाढ़ में बद्री प्रसाद देवकोटा ने चलती बस से कूदकर जान बचाई, लेकिन उनकी पत्नी बस समेत बाढ़ में बह गईं। 28 यात्री अब भी लापता हैं।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने हजारों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बाढ़ और भूस्खलन में अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब चार हजार लोग लापता हैं। इस आपदा के बीच कई ऐसी दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों ने अपनी आंखों के सामने अपनों को खो दिया।
ऐसी ही एक कहानी बद्री प्रसाद देवकोटा की है। वह अपनी पत्नी और 34 अन्य लोगों के साथ नेपाल के रसुवा जिले स्थित हिंदू तीर्थस्थल गोसाईं कुंड की यात्रा पर जा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई।
देवकोटा ने बताया कि बस तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही थी, तभी उन्होंने कीचड़ और पानी से भरी बाढ़ को बस की ओर आते देखा। उनकी पत्नी ने उनका हाथ पकड़ रखा था। उन्होंने पत्नी से बस से कूदने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया।
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देवकोटा ने बताया कि उन्होंने पत्नी को समझाया कि बाढ़ का तेज पानी बस को बहा सकता है और दोनों की जान जा सकती है। जब पत्नी नहीं मानीं तो उन्होंने उनका हाथ छुड़ाया और चलती बस से छलांग लगा दी।
उन्होंने बताया कि बस से कूदने के बाद बाढ़ का तेज बहाव उन्हें नुवाकोट के भैंसे इलाके में एक नाले की ओर ले गया। उन्होंने वहां पेड़-पौधों को पकड़कर अपनी जान बचाई। लेकिन उनकी आंखों के सामने वह बस बाढ़ के पानी में समा गई, जिसमें उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह के दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोग अब भी लापता हैं। इनमें देवकोटा की पत्नी भी शामिल हैं। देवकोटा लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। बस के बाढ़ में बह जाने के कारण उनके सुरक्षित बचने की उम्मीद कम है, लेकिन परिवार अब भी उनके मिलने की आस लगाए हुए है।
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