नेपाल ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत की मदद की सराहना की, वित्त मंत्री बोले- बेहद उदार रहा सहयोग
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 600 से अधिक मौतों के बाद भारत की राहत सहायता की सराहना हुई। वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने प्रधानमंत्री मोदी को बेहद उदार बताया।
नेपाल ने विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मिल रही सहायता की जमकर सराहना की है। इस आपदा में 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संकट की घड़ी में ‘बेहद उदार’ बताते हुए कहा कि भारत ने राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।
वाग्ले ने कहा कि नेपाल में आपदा से हुए भारी नुकसान का आकलन शुरू हो गया है और भारत ने पुनर्निर्माण के लिए भी ‘बहुत उदार सहायता’ देने का संकेत दिया है। भारत पहले ही राहत सामग्री और विशेष बचाव दल नेपाल भेज चुका है।
बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों का मलबा तेज पानी के साथ नीचे आया। इससे मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई। घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए, जबकि कई जलविद्युत परियोजनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
राहत एवं बचाव अभियान के बीच करीब 2,400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर बारिश के बावजूद बचाव अभियान जारी है।
भारत ने बुधवार से नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 57.6 टन राहत सामग्री भेजी है। काठमांडू के अनुरोध पर चिकित्सा कर्मियों और सुरंग बचाव विशेषज्ञों सहित 11 सदस्यीय भारतीय दल भी नेपाल पहुंचा है।
वित्त मंत्री वाग्ले ने बताया कि नेपाल आपदा से निपटने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रहा है। फिलहाल फंसे हुए लोगों को बचाना और तत्काल राहत पहुंचाना प्राथमिकता है। नेपाल सेना अब तक 1,930 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाल चुकी है।
सड़कें क्षतिग्रस्त होने से धुंचे, रसुवा और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। वहां हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वाग्ले के अनुसार, अगले चरण में अस्थायी आवास और नकद-के-बदले-काम जैसी योजनाओं के जरिए शुरुआती पुनर्वास किया जाएगा। इसके बाद बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि भारत और प्रधानमंत्री मोदी का सहयोग बेहद उल्लेखनीय है। वाग्ले ने 2015 के भूकंप के दौरान भारत की मदद को भी याद किया और कहा कि उस समय भी भारतीय सरकार का सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहा था।
उन्होंने बताया कि नेपाल को अन्य पड़ोसी देशों से भी सहायता मिल रही है और जरूरत पड़ने पर वह दूसरे देशों से भी मदद मांगेगा।
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