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नेपाल की बाढ़ में 105 भारतीय समेत 291 विदेशी लापता, रसुवा में तबाही; बिहार-यूपी में भी अलर्ट

नेपाल के रसुवा में भीषण बाढ़ के बाद 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता हैं। नेपाल में अब तक 16 मौतें हुईं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी है।

नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद कुल 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 प्रवासी भारतीय बताए गए हैं। अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के पर्यटक भी लापता लोगों में शामिल हैं।

नेपाल सरकार के मुताबिक, बाढ़ से अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है। अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों को प्रभावित करने के साथ कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है।

बताया गया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बती क्षेत्र से आने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसका असर रसुवा और धादिंग जिलों के अलावा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिले तक पड़ा।

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नेपाल पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

रसुवा तीन महीने के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित

रसुवा बाढ़ से प्रभावित स्थानीय क्षेत्रों को तीन महीने के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। नेपाल मंत्रिपरिषद की आपात बैठक में घायलों को तत्काल निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। भोटेकोशी नदी का पानी अब नारायणी देवघाट तक पहुंच गया है और जलस्तर बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे लोगों और बाजार क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बिहार में भी बढ़ी चिंता

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें आशंका है कि नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी बिहार में बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। रात में विशेष गश्त के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैयार रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल की बाढ़ को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से महराजगंज और कुशीनगर जिलों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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