विश्व कप से बाहर होते ही नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा, ब्राज़ील के लिए खेला आखिरी मैच
नॉर्वे से हारकर विश्व कप से बाहर होने के बाद नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। ब्राज़ील के लिए उन्होंने 130 मैचों में रिकॉर्ड 80 गोल किए।
ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने फीफा विश्व कप 2026 से टीम के बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ़ स्टेडियम में खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राज़ील को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। हार के बाद भावुक नेमार मैदान पर ही रो पड़े और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
मैच के बाद ग्लोबो से बातचीत में 34 वर्षीय नेमार ने कहा, "मैंने पूरी कोशिश की, लेकिन अब सब खत्म हो गया। मैंने अपना सफर यहीं से शुरू किया था और अब यहीं इसे समाप्त कर रहा हूं।"
इस मुकाबले में ब्राज़ील के लिए नेमार ने इंजरी टाइम में पेनाल्टी के जरिए एकमात्र गोल किया, जबकि नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने दो गोल दागकर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। हालांड ने 79वें और 90वें मिनट में गोल किए, जबकि नेमार ने अतिरिक्त समय के 10वें मिनट में सांत्वना गोल किया।
यह 1990 के बाद पहली बार है जब ब्राज़ील फीफा विश्व कप से इतने शुरुआती चरण में बाहर हुआ है। इस हार ने करोड़ों ब्राज़ीली प्रशंसकों को निराश कर दिया।
नेमार ब्राज़ील के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 130 मैचों में 80 गोल किए, जो महान फुटबॉलर पेले के 77 गोलों से तीन अधिक हैं। सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में वह 130 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में उनसे आगे केवल काफू हैं, जिन्होंने 142 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
हाल के वर्षों में नेमार लगातार चोटों से जूझते रहे। मई में पिंडली की चोट के कारण उनका विश्व कप अभियान भी प्रभावित हुआ। इसी वजह से वह ग्रुप चरण के शुरुआती दो मुकाबले नहीं खेल सके। बाद में उन्होंने स्कॉटलैंड और नॉर्वे के खिलाफ बतौर स्थानापन्न खिलाड़ी मैदान में वापसी की।
ब्राज़ील के मुख्य कोच कार्लो एंचेलोटी ने हार पर निराशा जताते हुए कहा कि टीम अब नए दौर की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत की और उन्हें नहीं लगता कि टीम हार की हकदार थी। एंचेलोटी ने कहा कि इस हार से सीख लेकर ब्राज़ील भविष्य में और मजबूत वापसी करेगा। वहीं, नेमार के संन्यास के साथ ब्राज़ील फुटबॉल के एक सुनहरे अध्याय का भी अंत हो गया।
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