कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी
एनआईए ने कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी को संगठन की गतिविधियां फिर सक्रिय होने और अलगाववादी एजेंडा फैलाने की सूचना मिली थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मध्य और दक्षिण कश्मीर के विभिन्न इलाकों में की गई। सूत्रों के अनुसार, श्रीनगर के लाल बाजार और शोपियां जिले के कई क्षेत्रों में एनआईए की टीमों ने तलाशी अभियान चलाया।
शोपियां जिले में एनआईए ने दो प्रमुख स्थानों पर छापेमारी की। इनमें दारुल उलूम सिराजुल उलूम भी शामिल है, जिसे पिछले महीने अवैध संस्था घोषित किया गया था। इमाम साहिब क्षेत्र स्थित इस शिक्षण संस्थान में धार्मिक और औपचारिक शिक्षा दोनों दी जाती हैं। एनआईए अधिकारियों ने सुबह-सुबह यहां पहुंचकर तलाशी ली।
इसके अलावा, एजेंसी की एक अन्य टीम ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के मोलू चित्रगाम स्थित आवास पर भी छापा मारा। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी को इनपुट मिले थे कि संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है ताकि जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके और भारत विरोधी प्रचार फैलाया जा सके।
और पढ़ें: महाराष्ट्र के अंबेनली घाट में बड़ा हादसा, गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो; 8 लोगों की मौत
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर लगा प्रतिबंध अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, संगठन आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहा है तथा भारत विरोधी प्रचार को समर्थन देता रहा है।
सरकार का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी का संबंध आतंकी संगठनों से रहा है और यह जम्मू-कश्मीर में चरमपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। संगठन पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
और पढ़ें: कर्नाटक सत्ता संघर्ष के बीच सिद्धारमैया को कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली बुलाया