NEET-UG पेपर लीक के बाद NTA में संयुक्त सचिव और संयुक्त निदेशक नियुक्त
NEET-UG पेपर लीक के बाद सरकार ने NTA में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक नियुक्त किए, जबकि CBI ने पेपर लीक में शामिल और आरोपियों की गिरफ्तारी जारी रखी।
केंद्रीय सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा – अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) 2026 पेपर लीक के मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में नियुक्तियां की हैं। सरकार ने दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक पदों पर नियुक्ति की है।
कर्मचारी मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अनुजा बापट और रुचिता विज को पाँच साल के लिए संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया। अनुजा 1998 बैच की इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस अधिकारी हैं, जबकि विज 2004 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (कस्टम और अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी हैं। जैन आयकर अधिकारी हैं और भोजगढिया भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा सेवा के अधिकारी हैं।
इस बीच, सीबीआई ने पेपर लीक के एक और मास्टरमाइंड, मनीषा गुरुनाथ मंधारे, वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका, को पुणे से गिरफ्तार किया। मंधारे ने जीवविज्ञान प्रश्नपत्र लीक कराने में मुख्य भूमिका निभाई। वह एनटीए द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त थीं और उनके पास वनस्पति और प्राणी विज्ञान प्रश्नपत्रों की पूरी पहुँच थी।
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अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई अब पीवी कुलकर्णी और उसके दो सहयोगियों की तलाश में पुणे और लातूर में छापेमारी कर रही है। कुलकर्णी इस पेपर लीक का प्रमुख मास्टरमाइंड था और उसे 15 मई, 2026 को पुणे से गिरफ्तार किया गया था।
इस कदम से NEET परीक्षा में सुरक्षा और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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