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अमेरिका-ईरान गतिरोध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, एशियाई बाजार सुस्त

अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। एशियाई बाजार सीमित दायरे में रहे। निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और ब्याज दरों पर टिकी है।

कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते तथा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर बातचीत गतिरोध में फंस गई है। इससे वैश्विक बाजारों में महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता की चिंता बढ़ी है।

ब्रेंट कच्चा तेल बढ़कर 88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 82.45 डॉलर प्रति बैरल रही। दोनों ही कीमतें 31 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। सोमवार को तेल वायदा कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की तेजी आई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शांति समझौते से जुड़ी शर्तों के जवाब में युद्ध, हमलों और प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए ईरान से मुआवजा देने की मांग रखी। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है तथा होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है।

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बाजार विश्लेषकों के अनुसार, तेल की बढ़ती कीमतों का असर बुधवार को जारी होने वाली अमेरिकी जुलाई उपभोक्ता महंगाई रिपोर्ट पर पड़ सकता है। उम्मीद है कि मुख्य महंगाई में मासिक आधार पर 0.1 प्रतिशत और मुख्य सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी। आंकड़े उम्मीद से अधिक रहे तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अगले महीने ब्याज दर बढ़ाने की संभावना मजबूत हो सकती है।

एशिया-प्रशांत शेयर बाजारों में कारोबार सीमित रहा। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों का एमएससीआई सूचकांक 0.2 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 प्रतिशत चढ़ा। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

मुद्रा बाजार में येन कमजोर होकर 159 येन प्रति डॉलर के आसपास रहा। वहीं, सोने की हाजिर कीमत 0.5 प्रतिशत बढ़कर 4,409.81 डॉलर प्रति औंस हो गई।

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