पाकिस्तान की गोल्ड मेडलिस्ट लैबा एजाज़ की इस्लामाबाद में मौत, अमेरिकी वीजा धोखाधड़ी का आरोप
पाकिस्तान की 22 वर्षीय गोल्ड मेडलिस्ट लैबा एजाज़ इस्लामाबाद में मृत मिलीं। परिवार ने अमेरिकी विश्वविद्यालय में दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस जांच जारी है।
पाकिस्तान की 22 वर्षीय गोल्ड मेडलिस्ट लैबा एजाज़ इस्लामाबाद के जी-10 इलाके में मृत पाई गईं। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि एक कंसल्टेंट ने उन्हें अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाने का झूठा वादा किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आर्थिक लेनदेन से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में जुटी है।
लैबा एजाज़ अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक विश्वविद्यालय, इस्लामाबाद (आईआईयूआई) की छात्रा थीं। उन्होंने वर्ष 2022 से 2026 के शैक्षणिक सत्र के दौरान विज्ञान स्नातक की पढ़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया था। वह इस्लामाबाद के जी-10 मरकज इलाके में रहती थीं और आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका में मास्टर डिग्री हासिल करना चाहती थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि शुरुआती तौर पर मौत आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रही है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
रिपोर्ट के अनुसार, लैबा शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। बाद में उनका शव इस्लामाबाद के जी-10 इलाके में मिला।
पुलिस खंगाल रही है आर्थिक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्य
मामले की जांच के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की हैं। ये टीमें परिवार द्वारा लगाए गए वीजा धोखाधड़ी के आरोपों की जांच करने के साथ-साथ पैसों के लेनदेन का पता लगा रही हैं। लैबा के मोबाइल फोन और लैपटॉप की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकें।
परिवार का आरोप है कि कंसल्टेंट ने लैबा को अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में सीट दिलाने का भरोसा दिया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस प्रक्रिया में किसी तरह की धोखाधड़ी हुई थी या नहीं और इसका उनकी मौत से कोई संबंध था या नहीं।
विश्वविद्यालय ने जताया दुख
अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक विश्वविद्यालय ने लैबा को मेधावी और अनुशासित छात्रा बताया है। उनके एक सहपाठी के मुताबिक, उन्होंने अपने विभाग में शीर्ष स्थान हासिल किया था और अमेरिका में आगे की पढ़ाई करना चाहती थीं। उनके पिता दुकानदार बताए जाते हैं।
फिलहाल, मौत के कारणों और कथित वीजा धोखाधड़ी के बीच संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।