पाकिस्तानी नौसेना के युद्धाभ्यास पर सवाल, समुद्र में नागरिकों की सुरक्षा के लिए कितनी तैयार है नौसेना?
बाब-अल-मंदेब में वाणिज्यिक जहाज पर मिसाइल हमले ने पाकिस्तानी नागरिकों की समुद्री सुरक्षा पर सवाल उठाए। नौसैनिक अभ्यासों के बावजूद दूरस्थ संघर्ष क्षेत्रों में तैयारी चुनौतीपूर्ण है।
पाकिस्तानी नौसेना हर साल बड़े पैमाने पर सैन्य और समुद्री अभ्यास करती है। उसके बहुराष्ट्रीय अमान अभ्यास में दुनियाभर की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं, जबकि सी-स्पार्क जैसे अभ्यास अभियान संचालन और युद्धक तैयारी को परखने के लिए किए जाते हैं। हालांकि, 11 अगस्त को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए मिसाइल हमले ने पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा तैयारियों पर अलग सवाल खड़ा कर दिया है।
यमनी अधिकारियों और रिपोर्टों के मुताबिक, तिहामा नामक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। इनमें तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई चालक दल के सदस्य शामिल थे। बचाव अभियान के दौरान दो यमनी बचावकर्मी भी मारे गए। जहाज को बैलिस्टिक मिसाइलों से तीन बार निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
इस घटना ने सामान्य नौसैनिक युद्धक क्षमता और विदेश में संघर्ष क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा करने की क्षमता के बीच अंतर को उजागर किया है।
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अमान अभ्यास में समुद्री डकैती रोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, तोपखाने का अभ्यास और खोज एवं बचाव जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। वहीं सी-स्पार्क में पारंपरिक नौसैनिक युद्धक तैयारियों पर जोर दिया जाता है। लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे किसी विशेष अभ्यास का उल्लेख नहीं मिलता जिसमें संघर्ष क्षेत्र में मिसाइल हमले का सामना कर रहे पाकिस्तानी चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाज की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया हो।
ऐसे मिशन के लिए निगरानी, शुरुआती चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया, वायु एवं मिसाइल रक्षा, वाणिज्यिक जहाजों से संचार और हमले के बीच बचाव अभियान जैसी क्षमताओं की आवश्यकता हो सकती है।
पाकिस्तानी नौसेना वर्तमान में आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। चीन निर्मित टाइप-054ए/पी फ्रिगेट और हैंगोर श्रेणी की पनडुब्बियां उसकी क्षमताओं को बढ़ा रही हैं। इसके बावजूद बड़ा बेड़ा हर प्रकार की समुद्री आपात स्थिति के लिए स्वतः तैयार होने की गारंटी नहीं देता।
हमले के बाद पाकिस्तान ने कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी। उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने हमले की निंदा की। छह घायल पाकिस्तानी नाविकों को वापस लाया गया, जबकि दो पाकिस्तानी नागरिकों के शव भी स्वदेश पहुंचाए गए।
यह घटना पाकिस्तान के सामने एक व्यापक सवाल रखती है—दूरस्थ संघर्ष क्षेत्र में किसी वाणिज्यिक जहाज पर पाकिस्तानी नागरिकों पर हमला होने की स्थिति में नौसेना, विदेश मंत्रालय, समुद्री प्राधिकरण और अंतरराष्ट्रीय साझेदार मिलकर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं?