राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद के बाहर पुजारी बने पप्पू यादव का प्रदर्शन, राहुल गांधी भी शामिल हुए
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संसद के बाहर पप्पू यादव ने पुजारी के वेश में सांकेतिक प्रदर्शन किया। राहुल गांधी भी शामिल हुए। विपक्ष अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में भगवा वस्त्र पहनकर पहुंचे और हाथ में एक प्रतीकात्मक दानपात्र लेकर कथित चंदा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वहां पहुंचे और सांकेतिक रूप से दानपात्र में चढ़ावा डालकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान कई विपक्षी सांसद भी उनके साथ मौजूद रहे और संसद के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
पप्पू यादव ने दावा किया कि उनका यह प्रदर्शन राम मंदिर के चंदे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उजागर करने के लिए है। पुजारी के वेश में उनका यह विरोध प्रदर्शन संसद परिसर के बाहर लोगों और मीडिया का ध्यान आकर्षित करता रहा।
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इसी बीच विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपना विरोध भी जारी रखा। विपक्षी सांसदों ने लगातार दूसरे दिन संसद परिसर में बैनर लेकर प्रदर्शन किया और सवाल उठाया कि गृह मंत्री सदन में क्यों मौजूद नहीं हैं। विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई, जिसके लिए गृह मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब संसद ने हाल ही में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बनेगा। हालांकि, इसके बावजूद विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर बना हुआ है। राहुल गांधी ने पहले भी अमित शाह पर निशाना साधते हुए मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।