पेंटागन के डेटाबेस में साइबर सेंध, करीब 30 लाख लोगों की संवेदनशील जानकारी प्रभावित
पेंटागन के डिफेंस मैनपावर डेटा सेंटर में साइबर सेंध से करीब 30 लाख लोगों की संवेदनशील जानकारी प्रभावित हुई। अधिकारियों ने खामी ठीक कर दुरुपयोग के सबूत नहीं मिलने की बात कही।
अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन से जुड़े एक डेटा सिस्टम में साइबर सेंध का मामला सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में करीब 30 लाख जीवित और मृत लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्रभावित हुई है। लीक हुए रिकॉर्ड में सैन्य और असैन्य कर्मचारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल थी।
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों में करीब 27.6 लाख जीवित व्यक्ति और लगभग 2.94 लाख मृतक शामिल हैं। डेटा में सोशल सिक्योरिटी नंबर के अलावा सैन्य एवं असैन्य कर्मचारियों की नौकरी से संबंधित जानकारी भी मौजूद थी।
रक्षा विभाग के अनुसार, अनधिकृत उपयोगकर्ताओं ने अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच डिफेंस मैनपावर डेटा सेंटर (डीएमडीसी) के सूचना तंत्र में मौजूद व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी तक पहुंच बनाई। डीएमडीसी ने मामले का पता चलने के बाद सुरक्षा खामी को ठीक कर दिया।
और पढ़ें: कांग्रेस से मतभेद के बाद डीएमके ने इंडिया गठबंधन से बनाई दूरी, 30 सितंबर की बैठक में नहीं होगी शामिल
डिफेंस मैनपावर डेटा सेंटर पेंटागन के प्रमुख डेटा केंद्रों में से एक है। इसके पास सक्रिय ड्यूटी और रिजर्व सैनिकों, असैन्य कर्मचारियों, ठेकेदारों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों के सदस्यों से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। एजेंसी 6 करोड़ से अधिक लोगों के रिकॉर्ड संभालती है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि चोरी या लीक हुई जानकारी का दुरुपयोग किया गया हो। प्रभावित लोगों को पहचान सुरक्षा और क्रेडिट निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के कर्मचारियों को भी उसके नौकरी पोर्टल से संबंधित अलग साइबर सेंध की जानकारी दी गई है। एक अज्ञात हैकर ने कथित तौर पर एफबीआई कर्मचारियों के नाम, पते, संपर्क विवरण, सोशल सिक्योरिटी नंबर, जन्मतिथि और आपातकालीन संपर्क जैसी जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी दी थी।
हालांकि, हैकिंग समूह ‘शाइनीहंटर्स’ ने बाद में दावा किया कि वह डेटा जारी नहीं करेगा। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
और पढ़ें: ईरानी मुद्रा में ऐतिहासिक गिरावट, एक डॉलर के लिए देने पड़ रहे 25 लाख रियाल