एआई कौशल प्रशिक्षण से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग तक, पीएम मोदी ने युवाओं के लिए किए बड़े ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में युवाओं के लिए एआई प्रशिक्षण, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और नवाचार के अवसरों की घोषणा की। एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल सिखाया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं और जेनरेशन जेड को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भारत के विकास और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में देश के करीब एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बढ़ती एआई तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करना है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने की भी घोषणा की।
मोदी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए शिक्षा, गुणवत्ता और कौशल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत में करीब 650 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। देश में अब 850 मेडिकल कॉलेज हैं और सरकार युवाओं की शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों की डिग्री भारत में ही हासिल करने के लिए भी अधिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। युवाओं में नवाचार और तकनीकी रुचि बढ़ाने के लिए देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की घोषणा भी की गई।
उन्होंने भारत के स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि औसतन 28 वर्ष की उम्र वाले युवा उद्यमियों ने उपग्रह और रॉकेट तक विकसित किए हैं। देश में अब 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने परिवारों की सही जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना की प्रक्रिया त्रुटिरहित हो सके।
अपने संबोधन के अंत में मोदी ने युवाओं समेत सभी नागरिकों से 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को स्वयं से ऊपर रखना और राष्ट्रीय हित तथा कर्तव्य की भावना हर नागरिक की पहचान होनी चाहिए।
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