जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की यात्रा के साथ पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी जारी
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के भारत दौरे में पीएम मोदी ने उनके साथ कार यात्रा कर मित्रता का संदेश दिया, जो हाल के वर्षों में अपनाई गई उनकी ‘कार डिप्लोमेसी’ की परंपरा को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल के वर्षों में अनौपचारिक कार यात्राओं को कूटनीति का एक खास माध्यम बना रहे हैं, जो भारत आने वाले विश्व नेताओं के साथ आत्मीयता और मित्रता का संदेश देता है। इसी कड़ी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की भारत यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ कार में सफर कर ‘कार डिप्लोमेसी’ की परंपरा को आगे बढ़ाया।
फ्रेडरिक मर्ज़ अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर सोमवार को देश पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लिया और साबरमती आश्रम का दौरा किया, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई वर्ष बिताए थे। जर्मन चांसलर द्वारा एशिया की अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुनना इस बात का संकेत है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को जर्मनी एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है। बर्लिन में जर्मन सरकार के प्रवक्ता ने भी इसे भारत-जर्मनी संबंधों के लिए अहम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जर्मन चांसलर के साथ कार में बैठे हुए अपनी तस्वीर साझा की और कहा कि साझा मूल्यों, व्यापक सहयोग और आपसी समझ के जरिए भारत और जर्मनी की दोस्ती लगातार मजबूत हो रही है।
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हाल के समय में पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी के कई उदाहरण सामने आए हैं। सितंबर 2025 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक ही कार में सफर किया था। दिसंबर 2025 में पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए पुतिन का पालम एयरपोर्ट पर स्वागत किया और उन्हें अपनी कार में 7 लोक कल्याण मार्ग तक ले गए।
इसी तरह जॉर्डन यात्रा के दौरान क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय खुद पीएम मोदी को कार चलाकर संग्रहालय ले गए थे। इथियोपिया में प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने भी मोदी को होटल तक कार से पहुंचाया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ भी पीएम मोदी ने साझा कार यात्रा की थी। इन सभी घटनाओं को भारत की सौहार्दपूर्ण और व्यक्तिगत कूटनीति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
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