पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनेंगे, दोषियों को मिलेगी त्वरित सजा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा मिलेगी तथा छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कथित नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देशभर में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन अदालतों का उद्देश्य ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा करना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे युवाओं का भविष्य और उनका हित सबसे महत्वपूर्ण है। हमने पेपर लीक के मामलों में त्वरित और कठोर सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारी यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"
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प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विभिन्न विपक्षी दल कथित नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।
इससे एक दिन पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इनमें अब तक किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली है। विपक्ष लगातार सरकार से इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है।
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