जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात पर दुनिया की नजरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने फ्रांस पहुंचे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बैठक में व्यापार, सुरक्षा, ईरान संकट और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस के एवियन शहर पहुंचे, जहां वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक मानी जा रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताओं और विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों के बीच यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, आमंत्रित साझेदार देशों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ "नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण" विषय पर आयोजित कार्य सत्र में भाग लेंगे।
17 जून को होने वाली मोदी-ट्रंप बैठक पर विशेष नजरें टिकी हुई हैं। यह मुलाकात इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी की वॉशिंगटन यात्रा और ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की बैठक होगी।
और पढ़ें: दक्षिणी कैलिफोर्निया में अमेरिकी बी-52 बॉम्बर दुर्घटनाग्रस्त, सभी 8 क्रू सदस्यों की मौत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, टैरिफ, क्षेत्रीय सुरक्षा और रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों जैसे मुद्दों पर हाल के महीनों में कुछ मतभेद देखने को मिले हैं। ऐसे में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि दोनों देशों के अधिकारियों का मानना है कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना कम है।
बैठक में ईरान से जुड़े तनाव भी अहम मुद्दा रहेंगे। हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने चिंता जताई थी। इन घटनाओं में भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए थे।
यह जी-7 में भारत की 13वीं भागीदारी और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं उपस्थिति है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री की मार्क कार्नी, कीर स्टारमर और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सहित कई विश्व नेताओं से भी मुलाकात होने की संभावना है।
और पढ़ें: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर 6.7 तीव्रता का भूकंप, पालू के पास महसूस हुए तेज झटके