अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश: 50 की उम्र में 30 से अधिक ऊर्जावान बनें
कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान किया और कहा कि 50 की उम्र में भी 30 से अधिक ऊर्जावान रहना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और लोगों को योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया भर के लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग एक ऐसी शक्ति है जो पूरी मानवता को जोड़ती है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा योग दिवस के अवसर पर चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना की। उन्होंने इसे एक प्रेरणादायक और सराहनीय पहल बताया।
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नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की आध्यात्मिक भूमि पर योग दिवस मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसी महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन संतों और योगियों ने योग के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया और इसे वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने जोर देकर कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। लोगों को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और ऐसा जीवन अपनाएं कि 50 वर्ष की उम्र में भी वे 30 वर्ष की उम्र से अधिक फिट, ऊर्जावान और मजबूत महसूस करें।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जो स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।