×
 

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन, सियासी घमासान तेज

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर बहस तेज है। पीएम मोदी इसे ऐतिहासिक बता रहे, जबकि विपक्ष परिसीमन प्रावधानों का विरोध कर सियासी टकराव बढ़ा रहा है।

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर अपना संबोधन देने वाले हैं। सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के साथ परिसीमन विधेयक, 2026 भी पेश किया है।

सरकार का प्रस्ताव लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों को दी जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है।

16 से 18 अप्रैल तक चल रहे इस तीन दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक पर चर्चा हो रही है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में इन विधेयकों पर बहस की शुरुआत की। तीनों अहम विधेयकों पर शुक्रवार शाम 4 बजे मतदान प्रस्तावित है।

और पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के बीच द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार व तकनीक पर जोर

लोकसभा में एनडीए के पास 292 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के पास 233 सीटें हैं। संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होने के कारण संख्या बल इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इन विधेयकों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में “ऐतिहासिक कदम” बताया है। वहीं, विपक्षी दल महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में विरोध तेज है, जबकि संसद के भीतर INDIA गठबंधन लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है।

और पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव: कन्याकुमारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो, डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share