युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान आपने पहुंचाया: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का पलटवार
नीट पेपर लीक विवाद के बीच राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाकर दोषियों को सजा देने की बात कही।
नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। आपने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा और उसके विनाश को बढ़ावा दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।"
और पढ़ें: पांच बार के सपा विधायक आलम बदी आजमी का 90 वर्ष की उम्र में निधन, अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि
राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का उल्लेख करते हुए सरकार से तीन प्रमुख कदम उठाने की मांग की। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना, छात्रों से माफी मांगना और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित हमले करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की बात कही।
इधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी कथित नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
यह आंदोलन 20 जून से जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। बुधवार को उन्होंने कहा था कि यदि केंद्र सरकार प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं करने का आश्वासन देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।