मध्य पूर्व संकट वैश्विक अस्थिरता का बड़ा उदाहरण: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्य पूर्व का संकट वैश्विक अस्थिरता का बड़ा उदाहरण है। वहीं यूनिसेफ के अनुसार संघर्ष में करीब 200 बच्चों की मौत हो चुकी है।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर चिंता जताते हुए कहा कि मध्य पूर्व का मौजूदा संकट वैश्विक अनिश्चितता का ज्वलंत उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया का भू-राजनीतिक ढांचा तेजी से बदल रहा है और पुराने रणनीतिक समीकरण चुनौती का सामना कर रहे हैं।
“सागर संकल्प” समुद्री सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले समुद्रों को केवल व्यापार के माध्यम के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब वे रणनीतिक शक्ति के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा और रणनीति से जुड़े नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी बीच यूनिसेफ (UNICEF) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया संघर्ष में करीब 200 बच्चों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के अनुसार ईरान में 181, लेबनान में 7, इज़राइल में 3 और कुवैत में 1 बच्चे की जान गई है। यूनिसेफ ने कहा कि “बच्चे युद्ध शुरू नहीं करते, लेकिन उन्हें इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।”
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दूसरी ओर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका अपनी गुटनिरपेक्ष नीति बनाए रखेगा और हर मानव जीवन को समान रूप से महत्वपूर्ण मानता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष जारी रहा तो वैश्विक आर्थिक संकट गहरा सकता है।
वहीं कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि वह ईरान के खिलाफ किसी अभियान का हिस्सा बनने जा रही है। सरकार के प्रवक्ता पेशावा हवरमानी ने कहा कि कुर्दिस्तान किसी भी तरह से युद्ध को विस्तार देने की योजना का हिस्सा नहीं है और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील करता है।
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