राज्यसभा में खड़गे के भाषण पर हंगामा, मनुस्मृति वाले बयान का मूल पाठ मांगने पर अड़े जेपी नड्डा
राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं संशोधन विधेयक पेश हुआ। मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण पर हंगामा हुआ, जबकि जेपी नड्डा ने ‘मनुस्मृति’ संबंधी बयान का मूल पाठ सदन में रखने की मांग की।
संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू होने से पहले ही जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन का माहौल गरमा गया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित कराने के लिए पेश किया। यह विधेयक एक दिन पहले लंबी बहस और तीखी राजनीतिक नोकझोंक के बाद लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो चुका है।
राज्यसभा में बहस के दौरान खड़गे के भाषण में ‘मनुस्मृति’ का उल्लेख होने पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खड़गे से उनके बयान का मूल पाठ सदन के पटल पर रखने की मांग की। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित रही।
लोकसभा में बुधवार को भी इसी विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने कथित पेपर लीक मामलों और 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला था, जिसका सत्ता पक्ष ने भी कड़ा जवाब दिया।
राज्यसभा में इस विधेयक पर करीब सात घंटे तक चर्चा होने की संभावना है। बहस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक सहित कई विपक्षी सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है, जबकि विपक्ष इसे और अधिक जवाबदेही के साथ लागू करने की मांग कर रहा है।