ISIS संदिग्ध रिज़वान अहमद की साजिशों का खुलासा, बम बनाने की सामग्री और युवाओं को भड़काने के सबूत मिले
रिज़वान अहमद मामले में जांच में बम सामग्री, युवाओं को कट्टर बनाने और बड़े आतंकी हमले की साजिश के संकेत मिले, दिल्ली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी रिज़वान अहमद से जुड़ी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों को बम बनाने की सामग्री, युवाओं और नाबालिगों को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के सबूत और एक बड़े हमले की साजिश के संकेत मिले हैं।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से लाए जाने के बाद रिज़वान अहमद को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों को एक पूरा बम बनाने का सेटअप मिला है। इसमें एक संशोधित टेबल घड़ी, 500 ग्राम से अधिक संदिग्ध रसायन, टाइमर और वायरिंग से जुड़ी सामग्री शामिल है। ये सभी चीजें मिलकर विस्फोटक उपकरण तैयार करने की क्षमता की ओर इशारा करती हैं।
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डिजिटल जांच में यह भी सामने आया है कि रिज़वान अहमद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर रहा था। आपत्तिजनक सामग्री के जरिए वह उन्हें प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, वह 4 से 5 नाबालिगों के संपर्क में था और सोशल मीडिया के माध्यम से उनका ब्रेनवॉश कर रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि वह उन्हें आतंकी नेटवर्क में शामिल करने की योजना बना रहा था।
जांच एजेंसियों को यह भी शक है कि रिज़वान अहमद किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहा था और जिन लोगों को उसने कट्टर बनाया, उनके जरिए बम धमाके करवाने की योजना थी।
रिकॉर्ड के अनुसार, रिज़वान को 2015 में भी आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वह करीब आठ साल जेल में रहा। 2023 में रिहा होने के बाद उसके फिर सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
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