रूस और चीन ने ब्रिक्स देशों पर भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों का किया विरोध: पुतिन
रूस और चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ब्रिक्स देशों पर 10% शुल्क लगाने की धमकी का विरोध किया, पुतिन ने ऐसे कदम को वैश्विक व्यापार और सहयोग के लिए हानिकारक बताया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस और चीन ब्रिक्स देशों पर लगाए जाने वाले किसी भी भेदभावपूर्ण प्रतिबंध का कड़ा विरोध करता है। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स सदस्य देशों पर 10% शुल्क लगाने की धमकी दी है।
पुतिन ने स्पष्ट किया कि ऐसे कदम न केवल वैश्विक व्यापार के लिए हानिकारक होंगे, बल्कि बहुपक्षीय सहयोग की भावना को भी कमजोर करेंगे। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एक ऐसा मंच है जो विश्व अर्थव्यवस्था में संतुलन और विकास को बढ़ावा देता है, और किसी भी तरह के दबाव या प्रतिबंध से इसकी भूमिका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
चीन ने भी इस मुद्दे पर रूस के रुख का समर्थन किया है। बीजिंग का कहना है कि किसी भी देश पर अनुचित शुल्क या प्रतिबंध लगाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के विरुद्ध है। चीन और रूस दोनों ने संयुक्त रूप से अपील की है कि सभी बड़े आर्थिक देश संवाद और सहयोग के माध्यम से विवादों को सुलझाएँ।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह धमकी वैश्विक आर्थिक तनाव को और बढ़ा सकती है, जिससे न केवल ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा, बल्कि विश्व स्तर पर व्यापार प्रवाह भी बाधित हो सकता है।
पुतिन ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देश अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में सक्षम हैं और वे किसी भी तरह के बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
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