ईरान को लेकर तनाव कम करने की कोशिश में रूस, क्रेमलिन का बयान
क्रेमलिन ने कहा कि रूस ईरान को लेकर तनाव घटाने की कोशिश कर रहा है और ईरान के समृद्ध यूरेनियम को प्रोसेस या भंडारित करने का विकल्प लंबे समय से पेश करता रहा है।
रूस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह ईरान को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव को कम करने के प्रयासों में जुटा हुआ है। क्रेमलिन ने सोमवार (2 फरवरी, 2026) को कहा कि रूस लंबे समय से इस दिशा में काम कर रहा है और उसने पहले ही ईरान के समृद्ध यूरेनियम को प्रोसेस करने या सुरक्षित रूप से भंडारित करने की पेशकश कर रखी है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों के संपर्क में है और ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने यहां लेने की संभावना पर चर्चा लंबे समय से एजेंडे में बनी हुई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मुद्दे पर तेहरान और वॉशिंगटन के साथ बातचीत हो रही है, तो उन्होंने कहा, “यह विषय काफी समय से चर्चा में है।”
पेस्कोव ने कहा कि रूस ने यह सेवाएं एक संभावित समाधान के रूप में काफी पहले ही पेश की थीं, जिससे कई देशों के लिए चिंता का कारण बने कुछ संवेदनशील मुद्दों को दूर किया जा सके। उनका कहना था कि यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं को व्यावहारिक तरीके से संबोधित किया जाए, तो क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी लाई जा सकती है।
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उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में रूस सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और अपनी क्षमता के अनुसार ईरान के आसपास के हालात को शांत करने के लिए प्रयास कर रहा है। रूस का मानना है कि बातचीत और कूटनीतिक समाधान ही इस मुद्दे का एकमात्र रास्ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों और अमेरिका की चिंताएं लंबे समय से बनी हुई हैं। ऐसे में रूस की भूमिका एक मध्यस्थ के रूप में अहम मानी जा रही है। रूस का यह रुख दर्शाता है कि वह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना चाहता है, बल्कि वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहता है।
क्रेमलिन ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में यदि सभी पक्ष सहमत होते हैं, तो रूस इस संवेदनशील मुद्दे पर ठोस भूमिका निभाने के लिए तैयार है। फिलहाल, मास्को की प्राथमिकता तनाव कम करना और संवाद को आगे बढ़ाना है।
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