रूस की शैडो फ्लीट से जुड़ा तेल टैंकर फ्रांसीसी नौसेना ने रोका, जांच के लिए फ्रांस के बंदरगाह भेजा
फ्रांसीसी नौसेना ने रूस की शैडो फ्लीट से जुड़े संदिग्ध तेल टैंकर ‘ग्रिंच’ को पश्चिमी भूमध्य सागर में रोककर जांच के लिए मार्सेई-फॉस बंदरगाह भेजा है।
फ्रांसीसी नौसेना ने रूस की प्रतिबंधों से बचने वाली कथित “शैडो फ्लीट” का हिस्सा माने जा रहे एक तेल टैंकर को रोककर आगे की जांच के लिए फ्रांस के मार्सेई-फॉस बंदरगाह की ओर मोड़ दिया है। फ्रांस के दक्षिणी शहर मार्सेई के अभियोजक कार्यालय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि जहाज को जांच के लिए डायवर्ट किया गया है, हालांकि शुरुआती बयान में स्थान का नाम स्पष्ट नहीं किया गया। मामले से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, टैंकर शनिवार सुबह मार्सेई-फॉस बंदरगाह पहुंच।
‘ग्रिंच’ नामक इस टैंकर को गुरुवार को पश्चिमी भूमध्य सागर में, स्पेन के दक्षिणी तट और मोरक्को के उत्तरी तट के बीच, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में फ्रांसीसी नौसैनिक बलों ने रोका। फ्रांस की समुद्री पुलिस ने बताया कि इस अभियान में ब्रिटेन सहित अन्य देशों की नौसेनाओं ने भी सहयोग किया। फ्रांसीसी सेना द्वारा वीडियो में हेलीकॉप्टर से सैनिकों को जहाज के डेक पर उतरते हुए देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में एक नौसैनिक नाव और दो हेलीकॉप्टर शामिल थे।
टैंकर ‘ग्रिंच’ कोमोरोस के झंडे तले चल रहा था और उसने जनवरी की शुरुआत में रूस के आर्कटिक बंदरगाह मुरमान्स्क से यात्रा शुरू की थी। उस पर फर्जी झंडे के तहत संचालन करने और रूस की गुप्त शैडो फ्लीट का हिस्सा होने का संदेह है, जिसके जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल का निर्यात किया जाता है। एएफपी के अनुसार, ‘ग्रिंच’ नाम का एक जहाज ब्रिटेन के प्रतिबंधों में है, जबकि उसी पंजीकरण संख्या वाला ‘कार्ल’ नामक जहाज अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों में शामिल है।
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मार्सेई के अभियोजकों ने बताया कि वे जहाज द्वारा अपनी राष्ट्रीयता की पुष्टि न करने के आरोपों की भी जांच कर रहे हैं। यूरोपीय संघ रूस पर अब तक 19 प्रतिबंध पैकेज लगा चुका है, इसके बावजूद रूस भारत और चीन जैसे देशों को रियायती दरों पर तेल बेचता रहा है। अक्टूबर में फ्रांस ने इसी तरह एक अन्य रूसी-लिंक्ड टैंकर ‘बोराके’ को भी रोका था।