सऊदी क्राउन प्रिंस ने ट्रंप पर ईरान पर हमले के लिए डाला दबाव, निजी तौर पर कई बार की बातचीत
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सार्वजनिक रूप से कूटनीति की बात की, लेकिन निजी तौर पर डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर हमले के लिए कई बार संपर्क किया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निजी तौर पर कई बार फोन कर ईरान पर सैन्य हमला करने के लिए दबाव डाला। हालांकि सार्वजनिक रूप से उन्होंने कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया था।
जनवरी में मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि वे अपने देश के हवाई क्षेत्र या भूमि का उपयोग ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि सऊदी अरब ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा और वाशिंगटन व तेहरान से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का आग्रह किया था।
इसके बावजूद, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को संयुक्त सैन्य हमला कर ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई परमाणु वार्ता ठप होने और ईरान द्वारा परमाणु गतिविधियां फिर से शुरू करने के आरोपों के बाद की गई। ट्रंप ने कहा कि “भारी और सटीक बमबारी” आवश्यकतानुसार जारी रहेगी।
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हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई, कतर की राजधानी दोहा, और सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि इन्हें किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। रिपोर्ट के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नहयान, बहरीन के राजा हामद बिन ईसा अल-खलीफा, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से भी बातचीत की।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर “सबसे तीव्र आक्रामक कार्रवाई” की चेतावनी दी है।
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