एपस्टीन विवाद के बीच ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं शबाना महमूद
एपस्टीन विवाद के बीच कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ा। गृह सचिव शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने की संभावित दावेदार बनकर उभरीं।
ब्रिटेन की राजनीति में इस समय बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर बढ़ते दबाव और एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवाद के बीच लेबर पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। इन चर्चाओं के केंद्र में ब्रिटेन की गृह सचिव शबाना महमूद का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। अगर ऐसा होता है तो वह यूनाइटेड किंगडम की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं।
वेस्टमिंस्टर में अब नजरें लेबर पार्टी की साप्ताहिक संसदीय बैठक पर टिकी हैं, जहां स्टार्मर को अपने मंत्रिमंडल और सांसदों को यह भरोसा दिलाना होगा कि वह अभी भी प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त नेता हैं। स्टार्मर की मुश्किलें किसी व्यक्तिगत आरोप की वजह से नहीं, बल्कि पीटर मैंडेलसन को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में वापस लाने के फैसले के कारण बढ़ी हैं।
अमेरिका में जारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक, मैंडेलसन ने बिजनेस सेक्रेटरी रहते हुए एपस्टीन के साथ गोपनीय जानकारी साझा की थी। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने स्टार्मर पर हमला बोला और उनकी अपनी पार्टी के सांसदों ने भी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पिछले साल उन्हें अमेरिका के दूत पद से हटाना पड़ा था।
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45 वर्षीय शबाना महमूद पेशे से वकील रही हैं और स्टार्मर की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं। बर्मिंघम में जन्मीं महमूद के परिवार की जड़ें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर से जुड़ी हैं। 2010 में वह पहली मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल हुईं। 2025 में उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां वह सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को संभाल रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना लगभग 10 प्रतिशत बताई जा रही है। हालांकि, यह तभी संभव होगा जब कीर स्टार्मर इस्तीफा दें या उनके खिलाफ औपचारिक नेतृत्व चुनौती सफल हो।
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