दुनिया का पहला पूरी तरह लागू एआई कानून: दक्षिण कोरिया का एआई बेसिक एक्ट क्या है?
दक्षिण कोरिया ने दुनिया का पहला पूरी तरह लागू एआई कानून एआई बेसिक एक्ट लागू किया है, जिसमें एआई कंटेंट पर लेबल अनिवार्य है, हालांकि स्टार्टअप्स और नागरिक समूहों ने इसकी आलोचना की है।
दक्षिण कोरिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नियमन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दुनिया का पहला पूरी तरह लागू किया गया एआई कानून पेश किया है, जिसे एआई बेसिक एक्ट कहा जाता है। यह कानून एआई तकनीक के विकास, उपयोग और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। 29 जनवरी को जारी यह कानून अब पूरी तरह प्रभाव में आ चुका है।
एआई बेसिक एक्ट के तहत एआई द्वारा तैयार या संशोधित कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ता यह जान सकें कि वे जिस जानकारी, वीडियो, ऑडियो या चित्र को देख रहे हैं, वह मानव द्वारा बनाया गया है या एआई द्वारा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी खबरों, डीपफेक और गलत सूचना के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, इस कानून को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। कई स्टार्टअप्स और नागरिक संगठनों ने इसे अत्यधिक सख्त और नवाचार-विरोधी बताया है। स्टार्टअप्स का कहना है कि लेबलिंग और अनुपालन की शर्तें उनके लिए अतिरिक्त लागत और प्रशासनिक बोझ बढ़ा सकती हैं, जिससे एआई क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नवाचार प्रभावित हो सकता है।
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वहीं, कुछ नागरिक समूहों का मानना है कि कानून उपभोक्ता अधिकारों और गोपनीयता की पूरी तरह रक्षा नहीं करता। उनका तर्क है कि एआई के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर और स्पष्ट नियमों की जरूरत है।
इसके बावजूद, वैश्विक स्तर पर दक्षिण कोरिया के एआई बेसिक एक्ट को एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। कई देश एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ऐसे ही कानूनों पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून भविष्य में एआई नियमन के लिए एक वैश्विक ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।