ताइवान राष्ट्रपति लाई चिंग-ते बोले- अमेरिका से हथियार खरीद जारी रखना चाहते हैं
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि वे अमेरिका से हथियार खरीद जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच रक्षा सहयोग को शांति के लिए जरूरी बताया।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहेंगे कि ताइवान अमेरिका से हथियारों की खरीद जारी रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह खरीद क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है।
लाई चिंग-ते अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर यह बयान दे रहे थे। उनका कार्यकाल ऐसे समय में चल रहा है जब चीन लगातार ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करके उसे अपने नियंत्रण में लेने की बात कह चुका है।
ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा कि द्वीप की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ताइवान का भविष्य किसी बाहरी ताकत द्वारा तय नहीं किया जा सकता और वहां की जनता को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार है।
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लाई चिंग-ते ने कहा कि अमेरिका से हथियारों की खरीद केवल सैन्य ताकत बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संकेत दिया कि ताइवान अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका और ताइवान के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है, जिस पर चीन ने कई बार आपत्ति जताई है।
ताइवान सरकार का कहना है कि वह लोकतंत्र और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं चीन लगातार ताइवान पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बनाता रहा है।
लाई चिंग-ते के इस बयान से अमेरिका, ताइवान और चीन के बीच संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
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