नीट अभ्यर्थी की मौत पर तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
नीट अभ्यर्थी की मौत और यौन हिंसा के आरोपों पर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेरा, बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार (18 जनवरी, 2026) को उन्होंने इस घटना को बिहार में ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था का प्रतीक बताया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह सामने आया है कि मृत नीट अभ्यर्थी के साथ यौन हिंसा भी की गई थी, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह “दफन” हो चुकी है और अपराधियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपराधियों और बलात्कारियों को “मेहमान” की तरह मान रही है और उन्हें बचाने तथा सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि आम जनता, खासकर महिलाएं और छात्राएं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
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इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए जाने का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सिर्फ जांच के आदेश देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता बरते और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अपराध, यौन हिंसा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते मामलों ने राज्य की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार अपने लंबे शासन के बावजूद कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य खतरे में है और शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों को सुरक्षा देने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। तेजस्वी यादव ने जनता से अपील की कि वे ऐसी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं, जो अपराधियों को संरक्षण देती है और पीड़ितों को न्याय नहीं दिला पाती।