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पीओके में हजारों लोगों की कैंडल मार्च, प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई के खिलाफ बढ़ा जनाक्रोश

पीओके में हजारों लोगों ने पाकिस्तान की कार्रवाई के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला। जेएएसी के समर्थन में बढ़ते जनाक्रोश के बीच मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर चिंता गहराई है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक हजारों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसे पाकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित कर रखा है।

जेएएसी ने इस मार्च का आयोजन क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई 20 लोगों की मौत के विरोध में किया। संगठन ने लोगों से स्थानीय ईदगाह मैदानों में बड़ी संख्या में एकत्र होने की अपील की थी। जेएएसी का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने मार्च को रोकने के लिए सुधान एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यालय के बाहर सड़क तक खुदवा दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) जैसे आतंकी संगठनों को भी जेएएसी के खिलाफ प्रचार करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इन प्रयासों का कोई असर नहीं पड़ा और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।  विशाल जनसमूह पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए दिखाई दिए।

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जेएएसी लंबे समय से बेरोजगारी, महंगाई, बिजली संकट और क्षेत्र की उपेक्षा जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में पीओके की तथाकथित विधानसभा में मौजूद 12 “शरणार्थी सीटों” को समाप्त करना भी शामिल है। ये सीटें 1947 के बाद पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्हें जेएएसी स्थानीय लोगों के अधिकारों के खिलाफ मानती है।

मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान की कार्रवाई को चिंताजनक बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पाकिस्तान ने जेएएसी नेताओं शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, सरदार अमान और ख्वाजा मेहरान की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए एक करोड़ रुपये (एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये) के इनाम की घोषणा की है।

भारत ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपने मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने के लिए भ्रामक खबरें और वीडियो फैलाने की कोशिश कर रहा है।

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