×
 

निर्यात पर भी रोक क्यों नहीं?: टीएमसी विधायक कुणाल घोष का केंद्र सरकार से सवाल

कलकत्ता हाईकोर्ट के मवेशी वध नियम पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि निर्यात पर भी रोक क्यों नहीं लगती, इससे आजीविका प्रभावित होगी।

कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल में बिना अनिवार्य फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी मवेशी या भैंस के वध पर प्रतिबंध को बरकरार रखने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने केंद्र सरकार से सवाल उठाया है।

कुणाल घोष ने कहा कि अगर सरकार को मवेशी वध पर सख्त नियम लागू करने हैं, तो फिर निर्यात पर भी प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों का सीधा असर उन लोगों की आजीविका पर पड़ेगा जो इस उद्योग से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के नियमों से मांस उद्योग और संबंधित व्यवसायों पर निर्भर हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। कुणाल घोष ने कहा कि सरकार को ऐसे फैसले लेते समय आर्थिक और सामाजिक पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए।

और पढ़ें: तेलंगाना: सीएम रेवंत रेड्डी ने किडनी ट्रांसप्लांट उपलब्धि पर डॉक्टरों को दी बधाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी मवेशी या भैंस का वध नहीं किया जा सकता। अदालत के इस फैसले के बाद राज्य में नियमों को और सख्ती से लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

टीएमसी नेता के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है, जबकि टीएमसी का दावा है कि इससे गरीब और छोटे व्यवसायियों पर असर पड़ेगा।

इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है।

और पढ़ें: जोधपुर–दिल्ली कैंट वंदे भारत अब 20 कोच के साथ चलेगी, साबरमती–जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share