×
 

गाजा के लिए शांति बोर्ड के गठन की घोषणा, ट्रंप बोले—युद्ध समाप्ति की दिशा में अहम कदम

डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए ‘शांति बोर्ड’ के गठन की घोषणा की। यह युद्ध समाप्ति योजना के दूसरे चरण का हिस्सा है, लेकिन सैन्य वापसी और निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को गाजा के लिए एक नए “बोर्ड ऑफ पीस” (शांति बोर्ड) के गठन की घोषणा की। यह बोर्ड फिलिस्तीन में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका समर्थित योजना के दूसरे चरण का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है कि ‘द बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन हो चुका है।” उन्होंने कहा कि इस निकाय के सदस्यों के नाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे।

ट्रंप ने दावा किया कि यह बोर्ड अब तक किसी भी समय और किसी भी स्थान पर गठित “सबसे महान और प्रतिष्ठित” बोर्ड होगा। माना जा रहा है कि इस शांति बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे।

शांति बोर्ड के गठन की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में 15 सदस्यीय फिलिस्तीनी तकनीकी समिति (टेक्नोक्रेटिक कमेटी) के गठन का ऐलान किया गया था। इस समिति को युद्ध के बाद गाजा के रोजमर्रा के प्रशासन और शासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति शांति बोर्ड की निगरानी में काम करेगी।

और पढ़ें: अमेरिकी सीनेट ने विज्ञान खर्च बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया, व्हाइट हाउस के बड़े कटौती प्रस्ताव खारिज

अमेरिका समर्थित इस योजना के तहत गाजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स) की तैनाती का भी प्रावधान है। इस बल का उद्देश्य गाजा को सुरक्षित करना और सत्यापित फिलिस्तीनी पुलिस इकाइयों को प्रशिक्षण देना होगा।

हमास के वरिष्ठ नेता बासेम नईम ने कहा कि अब गेंद मध्यस्थों, अमेरिकी गारंटर और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पाले में है, ताकि इस समिति को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने इसे शांति प्रक्रिया के लिए निर्णायक चरण बताया।

गौरतलब है कि अमेरिका समर्थित गाजा शांति योजना पहली बार 10 अक्टूबर को लागू हुई थी, जिसके तहत हमास के कब्जे में मौजूद सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में लड़ाई रोकने का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि दूसरे चरण की शुरुआत के बावजूद कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।

गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक 451 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलिस्तीनियों की सबसे बड़ी मांग गाजा पट्टी से इजरायल की पूर्ण सैन्य वापसी है, हालांकि इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा घोषित नहीं की गई है। वहीं, हमास ने पूर्ण निरस्त्रीकरण की इजरायल की मांग पर अब तक सार्वजनिक सहमति नहीं दी है।

और पढ़ें: मतदाता सूची विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल: कई बार संशोधन झेल चुके मतदाताओं को नागरिक मानने की धारणा क्यों नहीं?

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share