हम पहले ही समझौता कर चुके हैं: ट्रंप का दावा—ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। अमेरिका इसे रूस पर दबाव बनाने की रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। फ्लोरिडा जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस संबंध में पहले ही एक “डील की रूपरेखा” तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा, “चीन चाहे तो तेल पर एक बेहतरीन सौदा कर सकता है। हम पहले ही एक समझौता कर चुके हैं। भारत आगे आ रहा है और वह ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।”
फिलहाल भारत ईरान से बहुत कम या लगभग शून्य कच्चा तेल आयात करता है, क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध प्रभावी हैं। प्रतिबंधों से पहले ईरान, भारत के प्रमुख कच्चा तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था। ट्रंप के इस बयान पर भारतीय सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि नई दिल्ली को जल्द ही वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिल सकती है। अमेरिका, यूक्रेन युद्ध के मद्देनज़र रूस को होने वाले वित्तीय प्रवाह को सीमित करने की व्यापक रणनीति के तहत भारत को रूसी तेल के विकल्प के रूप में वेनेजुएला के तेल पर विचार करने को कह रहा है।
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ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वेनेजुएला ने अमेरिका को 50 मिलियन बैरल तेल (करीब 5.2 अरब डॉलर मूल्य) की पेशकश की है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। न्यूयॉर्क स्थित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल की 500 मिलियन डॉलर की पहली बिक्री भी कर दी है, जिसकी आय फिलहाल अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले खातों में रखी गई है।
इस बीच, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
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