गाज़ा शांति बोर्ड के लिए ट्रंप की पसंद निकोलाय म्लादेनोव, पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में निभा चुके हैं अहम भूमिका
गाज़ा शांति बोर्ड के महानिदेशक बने निकोलाय म्लादेनोव पश्चिम एशिया के अनुभवी राजनयिक हैं, जिन्होंने इज़राइल और फिलिस्तीन—दोनों का भरोसा जीतकर शांति प्रयासों में अहम योगदान दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाज़ा के लिए गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के महानिदेशक के रूप में चुने गए निकोलाय म्लादेनोव पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों के लिए जाने-माने चेहरे हैं। बुल्गारिया के वरिष्ठ नेता और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व मध्य पूर्व दूत रहे म्लादेनोव ने अपने कार्यकाल के दौरान इज़राइल और हमास के बीच तनाव कम करने में कई बार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी नियुक्ति की घोषणा गुरुवार को इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की, जिसकी पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने भी की। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दो वर्षों के युद्ध के बाद अमेरिका की मध्यस्थता से गाज़ा में संघर्षविराम लागू हुआ है और आगे के चरण में इस क्षेत्र के प्रशासन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की योजना बनाई गई है।
संघर्षविराम समझौते के तहत यह प्राधिकरण, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे, गाज़ा में एक नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार की निगरानी, हमास के निरस्त्रीकरण, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, इज़राइली सेना की चरणबद्ध वापसी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया की देखरेख करेगा।
और पढ़ें: नांगलोई जाट में सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत का मुद्दा विधानसभा में उठा
53 वर्षीय म्लादेनोव पश्चिम एशिया की राजनीति के अनुभवी जानकार हैं। वे बुल्गारिया के रक्षा और विदेश मंत्री रह चुके हैं और 2015 से 2020 तक संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व शांति दूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने इराक में भी संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत की जिम्मेदारी निभाई थी।
पूर्व राजनयिक मिलेन केरेमेदचिएव के अनुसार, म्लादेनोव की नियुक्ति उनके शांति में योगदान का परिणाम है और उन्होंने इज़राइल तथा फिलिस्तीन—दोनों का भरोसा हासिल किया है। इज़राइली राजनयिक एलोन बार ने भी कहा कि म्लादेनोव ने इज़राइल के राजनीतिक नेतृत्व और फिलिस्तीनी पक्ष—दोनों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाए।
म्लादेनोव ने अपने करियर में केवल बयानबाज़ी तक सीमित न रहकर संवाद के पुल बनाने और साझा समाधान तलाशने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यही अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण उन्हें गाज़ा में इस कठिन जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है।