ग्रीनलैंड पर ट्रंप का फ्रेमवर्क समझौता: क्या जानते हैं और क्या अब भी स्पष्ट नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में नाटो प्रमुख मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड पर भविष्य के समझौते का फ्रेमवर्क बनने का दावा किया और यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी वापस ली।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड को लेकर “भविष्य के समझौते का एक ढांचा” तय कर लिया है। यह घोषणा स्विट्ज़रलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान की गई। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने उन आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत व्यापार शुल्क लगाने की धमकी वापस ले ली है, जो ग्रीनलैंड को अमेरिका को बेचने के उनके प्रयास का विरोध कर रहे थे। यह शुल्क बाद में 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना था।
ग्रीनलैंड एक स्वशासित क्षेत्र है और डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ही कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि यह द्वीप बिक्री के लिए नहीं है। ट्रंप ने दावोस में अपने भाषण में फिर दोहराया कि वह ग्रीनलैंड हासिल करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने बल प्रयोग से इनकार किया।
ट्रांस-अटलांटिक तनाव कम करने के उद्देश्य से मार्क रुटे ने ट्रंप से मुलाकात की। इसके बाद रुटे ने कहा कि नाटो देश इस समझौते के तहत आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाएंगे।
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ट्रंप ने कहा रुटे के साथ उनकी बैठक “बेहद उपयोगी” रही और ग्रीनलैंड तथा पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भविष्य के समझौते का ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ढांचे के तहत ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा परियोजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। यह बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली हवाई खतरों से निपटने के लिए प्रस्तावित है।
हालांकि, ट्रंप ने बातचीत की तारीख, स्थान या यूरोप की ओर से शामिल होने वाले देशों के नामों का खुलासा नहीं किया। ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति, दुर्लभ खनिज संसाधन और बदलते जलवायु हालात इसे वैश्विक शक्तियों के लिए अहम बनाते हैं।
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