ईरान के साथ युद्धविराम लाइफ सपोर्ट पर, अमेरिका को चाहिए पूरी जीत: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम बेहद कमजोर स्थिति में है। अमेरिका अब “पूर्ण जीत” चाहता है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख बनाए हुए है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्धविराम को “लाइफ सपोर्ट” पर बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ “पूर्ण जीत” हासिल करना चाहता है। ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दिया।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने एक दिन पहले ही ईरान द्वारा भेजे गए युद्ध समाप्ति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया था। उन्होंने कहा, “उन्होंने जो प्रस्ताव भेजा, उसे पढ़ने के बाद युद्धविराम अपनी सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गया है। यह अब लाइफ सपोर्ट पर है। उन्हें लगता है कि मैं थक जाऊंगा या दबाव में आ जाऊंगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। हम पूरी जीत हासिल करेंगे।”
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम के बाद फिलहाल रुका हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच अब तक किसी स्थायी शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है।
और पढ़ें: ट्रंप प्रशासन ने उद्योगों को दी बड़ी राहत, सरकारी जमीनों पर ड्रिलिंग और खनन बढ़ाने की तैयारी
इस पूरे विवाद का मुख्य कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार कहते रहे हैं कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगानी होगी। उनका दावा है कि यदि ईरान परमाणु शक्ति बनता है तो वह इजराइल और यूरोप के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। हालांकि तेहरान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण बना हुआ है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इस रास्ते को पूरी तरह खुला रखे, जबकि तेहरान इस पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।
ईरान ने अमेरिका से आर्थिक प्रतिबंध हटाने, विदेशों में जब्त संपत्तियां लौटाने और युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग भी की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान केवल अपने वैध अधिकारों की मांग कर रहा है।
और पढ़ें: ईरान के जवाब पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले- पूरी तरह अस्वीकार्य; पश्चिम एशिया संकट पर बढ़ा तनाव