ट्रंप बोले- इस साल किम जोंग उन से करूंगा मुलाकात, क्या कोरियाई प्रायद्वीप में घटेगा तनाव?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की संभावना जताई। बैठक से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम होने की उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि वह इस साल उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, अभी बैठक की तारीख या स्थान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके किम जोंग उन के साथ संबंध अच्छे रहे हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का जिक्र करते हुए कहा कि किम के पास करीब 57 परमाणु हथियार हैं और उनका कहना है कि अगर वह पहले राष्ट्रपति होते तो उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देते।
नवंबर में हो सकती है मुलाकात?
ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित बैठक की तारीख की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों नेताओं की मुलाकात नवंबर में हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन में हिस्सा लेने जा सकते हैं। इसी दौरान किम जोंग उन से मुलाकात की संभावना जताई गई है।
हालांकि, किम की बहन किम यो-जोंग ने कहा है कि उन्हें दोनों नेताओं के बीच किसी हालिया संपर्क की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किम जोंग उन की ट्रंप के बारे में अच्छी यादें और भावनाएं हैं तथा दोनों के संबंध अभी भी अच्छे हैं।
क्यों अहम है संभावित बैठक?
ट्रंप और किम की मुलाकात से कोरियाई प्रायद्वीप में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की कोशिशों को नई दिशा मिल सकती है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में सिंगापुर में किम से ऐतिहासिक मुलाकात की थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यासों को काफी कम करने का आदेश दिया है। अमेरिका के करीब 28,500 सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है।
ऐसे में ट्रंप-किम की संभावित बैठक दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने और क्षेत्रीय तनाव कम करने का अवसर बन सकती है।
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