ट्रंप और मेलोनी के रिश्तों में आई दरार, फोटो विवाद से शुरू हुआ सार्वजनिक टकराव
डोनाल्ड ट्रंप और जियोर्जिया मेलोनी के रिश्तों में जी-7 सम्मेलन के बाद तनाव बढ़ गया। फोटो विवाद, ईरान मुद्दा और पोप पर मतभेद दोनों नेताओं के टकराव की वजह बने।
एक समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को वैश्विक राजनीति के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाता था, लेकिन अब दोनों नेताओं के संबंधों में गंभीर तनाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद यह तनाव सार्वजनिक रूप से सामने आ गया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने एक इतालवी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि जी-7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए आग्रह कर रही थीं। ट्रंप के इस बयान ने इटली में राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
इसके जवाब में मेलोनी ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि इटली और उसके नेता कभी किसी से भीख नहीं मांगते। मेलोनी ने यह भी कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने सहयोगियों के बारे में इस तरह की बातें कर रहे हैं।
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मामला इतना बढ़ गया कि इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने इसे पूरे देश का अपमान बताते हुए अपना निर्धारित अमेरिका दौरा रद्द कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ती दूरी की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी, जब ईरान और मध्य-पूर्व को लेकर दोनों के विचार अलग-अलग हो गए थे।
तनाव तब और बढ़ गया जब ईसाई धर्मगुरु पोप लियो चौदहवें ने ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की आलोचना की। ट्रंप ने इस पर पोप की विदेश नीति संबंधी समझ पर सवाल उठाए, जबकि मेलोनी ने पोप के समर्थन में खड़े होकर ट्रंप के बयान को अस्वीकार्य बताया।
इसके अलावा यूक्रेन और ईरान जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ते गए। ट्रंप ने इटली पर अमेरिका और नाटो का पर्याप्त समर्थन न करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने कभी मजबूत मानी जाने वाली ट्रंप-मेलोनी साझेदारी को गहरे संकट में डाल दिया है।
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