सऊदी अरब पर हमलों के बीच ट्रंप का दावा- हूती अमेरिका से नहीं लड़ना चाहते
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हूतियों ने अमेरिका से नहीं लड़ने पर सहमति जताई है। यह बयान सऊदी अरब पर बढ़ते हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच आया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि यमन के हूती विद्रोहियों ने अमेरिका पर हमला नहीं करने पर सहमति जताई है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान समर्थित हूती सऊदी अरब के खिलाफ अपने हमले तेज कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हूतियों के साथ लगातार संपर्क में है और उन्होंने अमेरिका से नहीं लड़ने की बात कही है। ट्रंप इससे पहले भी दावा कर चुके हैं कि हूती क्षेत्र में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने से बच रहे हैं।
12 सितंबर को आयरलैंड की यात्रा के दौरान ट्रंप ने कहा था कि हूतियों ने अमेरिका से संपर्क किया था और वे नहीं चाहते कि अमेरिका उनके खिलाफ कार्रवाई करे। ताजा बयान सऊदी अरब पर बढ़ते दबाव के बीच आया है। शनिवार को हूतियों ने सऊदी राजधानी रियाद को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया था। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर आने वाली मिसाइल को रोकने की जानकारी दी।
और पढ़ें: ट्रंप ने एआई का नाम बदलने के लिए मांगी जनता की राय, सुझाए तीन विकल्प
इसी बीच यमन के भीतर भी हूतियों ने अपना अभियान तेज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार से जुड़े इलाकों में अपना नियंत्रण बढ़ाया है। यह सरकार सऊदी अरब के समर्थन पर निर्भर है।
ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा संकेत
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि वह फिलहाल निर्णय लेने की स्थिति में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में बड़े घटनाक्रम हो सकते हैं और ईरान को अपने कदमों को लेकर सावधान रहना चाहिए।
अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी हूतियों की हालिया गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे संघर्ष के और फैलने तथा समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने का खतरा है।
और पढ़ें: ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने को लेकर डेनमार्क से समझौते का ट्रंप का दावा