डोनाल्ड ट्रंप का दावा: शी जिनपिंग ने ईरान को हथियार भेजने से इनकार किया, तनाव के बीच बातचीत की कोशिशें तेज
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग ने ईरान को हथियार भेजने से इनकार किया। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच युद्धविराम बढ़ाने और बातचीत फिर शुरू करने की कोशिशें जारी हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान को हथियार भेजने से साफ इनकार किया है। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने शी जिनपिंग को एक पत्र लिखकर ईरान को हथियार न देने का अनुरोध किया था, जिसके जवाब में चीनी राष्ट्रपति ने लिखित रूप से कहा कि चीन ऐसा नहीं कर रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह मई की शुरुआत में बीजिंग में शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं, जहां इस मुद्दे पर और चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन इस बात से खुश है कि अमेरिका ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को स्थायी रूप से खोल रहा है और उसने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है।
हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने पहले भी कई बार इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह ईरान को किसी प्रकार की सैन्य सहायता नहीं दे रहा है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ देशों की कोशिशें तेज हो गई हैं। दोनों देशों के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने और बातचीत फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है।
हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाई, तो ईरान फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर क्षेत्र में व्यापार पूरी तरह रोक सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास इस संकट को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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