ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात में ताइवान, ईरान और टैरिफ पर होगी चर्चा
ट्रंप और शी जिनपिंग की वॉशिंगटन बैठक में ताइवान, ईरान, टैरिफ, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अमेरिका के वॉशिंगटन पहुंचे, जहां वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ महत्वपूर्ण शिखर वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक में ताइवान, ईरान से जुड़ा संघर्ष, व्यापार और टैरिफ के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीक तथा महत्वपूर्ण खनिजों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह इस साल दोनों नेताओं की दूसरी आमने-सामने मुलाकात है।
ट्रंप शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का जॉइंट बेस एंड्रयूज पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करेंगे। विदेशी नेता के लिए हवाई अड्डे पर इस तरह का स्वागत सामान्य से अलग माना जा रहा है। शी के साथ चीन के वरिष्ठ अधिकारी भी अमेरिका पहुंचे हैं।
ताइवान पर नजर
शिखर वार्ता में ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल रहेगा। चीन लंबे समय से अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने की मांग करता रहा है। अमेरिका की करीब 14 अरब डॉलर की प्रस्तावित हथियार बिक्री को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। इसमें मिसाइल, ड्रोन रोधी हथियार और वायु रक्षा प्रणालियां शामिल हैं। शी ने मई में बीजिंग में ट्रंप से मुलाकात के दौरान भी ताइवान को लेकर चीन की चिंताएं रखी थीं।
ईरान भी एजेंडे में
ईरान से जुड़ा संघर्ष भी वार्ता का अहम मुद्दा होगा। अमेरिका चीन के ईरान के साथ आर्थिक संबंधों और तेल खरीद को लेकर दबाव बना रहा है। वहीं चीन के ईरान के साथ करीबी संबंध हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत में मध्य पूर्व की स्थिति और ईरान से जुड़े आर्थिक तथा सुरक्षा मुद्दे उठ सकते हैं।
टैरिफ और व्यापार पर चर्चा
व्यापार वार्ता भी बैठक के केंद्र में रहेगी। दोनों देश टैरिफ युद्ध को नियंत्रित रखने और मौजूदा टैरिफ समझौते को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। करीब 30 अरब डॉलर मूल्य के गैर-संवेदनशील उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ घटाने के ढांचे पर भी बातचीत चल रही है। महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ मृदा तत्व भी चर्चा का हिस्सा हैं।
इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने की संभावना है।