×
 

दो घर, दो ईरान: शाह और उसके विरोधी खुमैनी के घरों की कहानी

तेहरान में शाह पहलवी और आयतुल्लाह खुमैनी के घरों की तुलना ईरान की दो विपरीत विचारधाराओं को दर्शाती है, जबकि देश भर में इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन जारी हैं।

ईरान में पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से देश के एक हिस्से में इस्लामिक गणराज्य के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। महंगाई और आर्थिक बदहाली के विरोध से शुरू हुए ये प्रदर्शन धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों में बदल गए हैं। निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी इन प्रदर्शनों के मुखर समर्थक बनकर उभरे हैं और उन्होंने इसे इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बताया है।

एक संदेश में रज़ा पहलवी ने कहा कि वह इस्लामिक गणराज्य को उखाड़ फेंकने और “अपने प्रिय ईरान को वापस पाने” के लिए राष्ट्रीय विद्रोह के एक नए चरण की घोषणा कर रहे हैं। उनके बयान में उनके पिता और ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के शासनकाल के उन “खुशहाल और स्वतंत्र” दिनों की झलक भी दिखी, जो 1979 में समाप्त हो गए थे।

तेहरान में ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी और उन्हें सत्ता से हटाने वाले धार्मिक नेता आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी—दोनों के घरों की तस्वीरें ही इन दो नेताओं की विपरीत सोच और विचारधाराओं का अंतर साफ दिखाती हैं।

और पढ़ें: कृषि-खाद्य प्रणालियों में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को लेकर भारत की वैश्विक पहल

पहलवी का घर
शाह का घर एक भव्य महल जैसा है, जिसके चारों ओर सुसज्जित बगीचा है। ऊंची छतें, कांच का विशाल दरवाजा, नीले रंग की दीवारों पर कलाकृतियां और सुनहरी ईंटें इसे किसी पांच सितारा होटल जैसा बनाती हैं। विशाल रिसेप्शन हॉल, दर्जनों लोगों के बैठने वाला डाइनिंग हॉल, निजी थिएटर और सैकड़ों कारों व बाइकों का संग्रह शाह की शाही जीवनशैली को दर्शाता है। अमेरिका द्वारा अपोलो मिशन से लाई गई चांद की चट्टान भी यहां प्रदर्शित है।

खुमैनी का घर
इसके विपरीत, खुमैनी का घर एक साधारण शहर के मकान जैसा है। सादे कमरे, एक साधारण सोफा और फीकी दीवारें उनकी सादगी को दर्शाती हैं। यहीं से उन्होंने जनता को संबोधित किया और आम लोगों से जुड़कर शाह के खिलाफ क्रांति का नेतृत्व किया।

वर्तमान स्थिति
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान के 31 प्रांतों में 500 से अधिक प्रदर्शन हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों की गिरफ्तारी हुई है। इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय संचार बंद होने के कारण हालात की स्वतंत्र पुष्टि कठिन बनी हुई है।

और पढ़ें: पीएमकेवीवाई में अनियमितताओं पर कांग्रेस की जांच की मांग, सीएजी रिपोर्ट का हवाला

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share