ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ब्रिटेन ने अरब सागर में तैनात की परमाणु पनडुब्बी HMS ऐनसन
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ब्रिटेन ने अरब सागर में ‘HMS ऐनसन’ पनडुब्बी तैनात की, जिससे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए अरब सागर में परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी ‘एचएमएस ऐनसन’ तैनात कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह पनडुब्बी टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों और स्पीयरफिश टॉरपीडो से लैस है और उत्तरी अरब सागर में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
बताया जा रहा है कि ‘एचएमएस ऐनसन’ इस महीने की शुरुआत में पर्थ से रवाना हुई थी और करीब 5,500 मील की दूरी तय कर इस क्षेत्र में पहुंची है। इसकी तैनाती से ब्रिटेन की ईरान पर संभावित हमले की क्षमता और मजबूत हो गई है, खासकर यदि क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है।
यह कदम उस फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें डाउनिंग स्ट्रीट ने अमेरिका को ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों से जुड़े ईरानी मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए यह मंजूरी दी गई है।
ब्रिटेन के मंत्रियों ने अमेरिका को “रक्षात्मक अभियानों” के तहत मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने की अनुमति दी है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर दो बैलिस्टिक मिसाइल दागी थीं, जो अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त बेस है। हालांकि, इन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया।
डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड जैसे ठिकानों का उपयोग अमेरिका द्वारा एशिया में सैन्य अभियानों के लिए पहले भी किया जाता रहा है।
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