अमेरिका ने शर्तों के साथ चीन को उन्नत एआई चिप्स बेचने की Nvidia को दी अनुमति
अमेरिका ने नीति में बदलाव करते हुए एनवीडिया को शर्तों के साथ चीन में H200 एआई चिप्स बेचने की अनुमति दी है, हालांकि सबसे उन्नत चिप्स पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने मंगलवार को एनवीडिया (Nvidia) को चीन में उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स बेचने की सशर्त अनुमति दे दी है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले महीने घोषित नीति बदलाव के अनुरूप है। इस कदम के तहत एनवीडिया अपनी शक्तिशाली H200 एआई चिप को चीन के खरीदारों को बेच सकेगी, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
नई नीति के अनुसार, एनवीडिया को यह साबित करना होगा कि अमेरिका में इन चिप्स की “पर्याप्त” आपूर्ति उपलब्ध है। हालांकि, कंपनी की सबसे उन्नत प्रोसेसर चिप्स की बिक्री पर चीन के लिए अब भी प्रतिबंध रहेगा। इस फैसले के बावजूद, चीन से वास्तविक मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि बीजिंग अपनी तकनीकी कंपनियों को स्वदेशी चिप्स अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने कुछ तकनीकी कंपनियों को संकेत दिया है कि H200 चिप्स की खरीद को केवल विशेष परिस्थितियों में ही मंजूरी दी जाएगी, जैसे अनुसंधान प्रयोगशालाओं या विश्वविद्यालयों में उपयोग के लिए। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकार ने कुछ कंपनियों से एनवीडिया की प्रतिद्वंद्वी घरेलू कंपनियों द्वारा निर्मित एआई चिप्स की एक निश्चित हिस्सेदारी खरीदने पर भी विचार करने को कहा है।
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अमेरिकी वाणिज्य विभाग के ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी (BIS) ने स्पष्ट किया कि H200 और इसी तरह की चिप्स के लिए लाइसेंस समीक्षा नीति को “स्वतः अस्वीकृति” से बदलकर अब “मामले-दर-मामला” आधार पर कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 9 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक समझौता हुआ है, जिसके तहत एनवीडिया को H200 चिप्स चीन भेजने की अनुमति दी जाएगी, जबकि अमेरिकी सरकार को इन बिक्री से 25 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। यह फैसला पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में लागू कड़े प्रतिबंधों से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने इस नीति की आलोचना करते हुए इसे चीन की सेना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया है। वहीं, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग का कहना है कि वैश्विक एआई विकास में अमेरिकी तकनीक की भूमिका सुनिश्चित करना जरूरी है।
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