होर्मुज जलडमरूमध्य पर जल्द समझौते की उम्मीद, सुन्नी देशों ने किया रक्षा गठबंधन
अमेरिका को ईरान और ओमान के बीच जल्द समझौते की उम्मीद है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुल सकता है और बाधित तेल आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है।
अमेरिका को उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच जल्द समझौता हो सकता है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति हुई है और इससे रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने का रास्ता साफ हो सकता है।
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान और ओमान के बीच स्थिति में सकारात्मक प्रगति हुई है। अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर नहीं की। उनके मुताबिक, वाशिंगटन को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच जल्द कोई समझौता हो जाएगा, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का सामान्य आवागमन दोबारा शुरू हो सकेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक परिवहन होता है।
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पिछले पांच महीनों से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण इस मार्ग से तेल के आवागमन और निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ी है और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित देश हैं। ऐसे में दोनों के बीच संभावित समझौता समुद्री यातायात को सामान्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
यदि समझौता होता है और जलडमरूमध्य से तेल परिवहन सामान्य हो जाता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे तेल आयात पर निर्भर देशों को भी राहत मिल सकती है।
इस घटनाक्रम के बीच पश्चिम एशिया में सुरक्षा समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं। क्षेत्र के कई सुन्नी देश अपनी सामूहिक सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ऐसे रक्षा समझौतों को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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