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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर का ऐतिहासिक रक्षा विधेयक पारित किया, इज़राइल के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा विधेयक पारित किया। इसमें इज़राइल के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने का प्रावधान है, हालांकि डेमोक्रेट सांसदों ने इसका विरोध किया।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) का अपना संस्करण पारित कर दिया है। इस विधेयक के तहत पेंटागन के लिए रिकॉर्ड 1.15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के रक्षा व्यय को अधिकृत किया गया है। हालांकि, विधेयक को लेकर सदन में तीखी बहस हुई और कई डेमोक्रेट सांसदों ने इसका विरोध किया।

एनडीएए अमेरिका का वार्षिक रक्षा विधेयक है, जो सेना की नीतियों और रक्षा खर्च को अधिकृत करता है। इसके तहत सैनिकों के वेतन, हथियारों की खरीद, सैन्य आवास, निर्माण परियोजनाओं और रक्षा कार्यक्रमों के लिए वित्तीय स्वीकृति दी जाती है। यह विधेयक सीधे धन खर्च नहीं करता, बल्कि रक्षा विभाग को खर्च करने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।

विधेयक में अमेरिकी सैनिकों के वेतन में 5 से 7 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान किया गया है। साथ ही सैनिकों के बैरकों और पारिवारिक आवास के लिए 1.8 अरब डॉलर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सैन्य परिवारों के लिए शिक्षा और बाल देखभाल सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

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रक्षा उपकरणों के लिए इस विधेयक में 56 अरब डॉलर विमान विकास कार्यक्रमों तथा 60 अरब डॉलर से अधिक पनडुब्बियों और विध्वंसक युद्धपोतों के निर्माण के लिए अधिकृत किए गए हैं। इसमें एक कोलंबिया श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, दो वर्जीनिया श्रेणी की पनडुब्बियां और दो आर्ले बर्क श्रेणी के विध्वंसक पोत शामिल हैं।

विधेयक में अमेरिका और इज़राइल के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए 75 करोड़ डॉलर का प्रावधान भी किया गया है। यह राशि मिसाइल रक्षा प्रणाली, ड्रोन रोधी तकनीक और अन्य उभरती रक्षा तकनीकों के संयुक्त विकास पर खर्च की जाएगी।

डेमोक्रेट सांसदों ने इस विधेयक की भारी लागत, ईरान के साथ जारी संघर्ष से जुड़े प्रावधानों तथा सामाजिक योजनाओं में कटौती के बीच रक्षा बजट बढ़ाने का विरोध किया। सांसद जेरी नैडलर ने इसे "अनियंत्रित सैन्य खर्च" बताते हुए समर्थन देने से इनकार कर दिया।

हालांकि, यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है। इसे प्रभावी होने के लिए अमेरिकी सीनेट की मंजूरी भी आवश्यक होगी।

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