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अमेरिका-ईरान वार्ता विफल: नेतन्याहू के फोन कॉल से बढ़ा गतिरोध

अमेरिका-ईरान वार्ता असफल रही, ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाए। नेतन्याहू के फोन कॉल को कारण बताया गया। तनाव बढ़ा और तेल कीमतों में भारी उछाल आया।

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अहम वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इस वार्ता का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना था, लेकिन दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन ने अपनी “अंतिम और सर्वोत्तम” पेशकश दी थी, लेकिन ईरान ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वहीं, ईरान ने अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत अमेरिकी “अतार्किक मांगों” के कारण विफल हुई।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा कर दी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

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वार्ता विफल होने के पीछे एक नया कारण सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा जेडी वेंस को किया गया फोन कॉल वार्ता को पटरी से उतारने में अहम रहा। उनके अनुसार, इस कॉल के बाद बातचीत का फोकस बदलकर इज़राइल के हितों पर आ गया।

अराघची ने कहा कि ईरान ने 47 वर्षों में पहली बार अमेरिका के साथ “ईमानदारी” से बातचीत की, लेकिन अंतिम क्षणों में शर्तों में बदलाव और नाकेबंदी ने समझौते को रोक दिया।

वार्ता विफल होने के तुरंत बाद तेल बाजार पर असर दिखा। कच्चे तेल की कीमतें 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं, जबकि ब्रेंट क्रूड 7% बढ़कर 102.29 डॉलर हो गया। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

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